Supadma Publications

Supadma MyVeda — Kashyapa Avatsara Nidhruvi

The Ṛgveda saṃhitā is the core of the organised Ṛgveda. It has 10 maṇḍala-s and over 10,500 verses. Being a large collection of verses, the Veda-s can take many years for the dedicated to read and master. To make the Veda-s more accessible, Supadma is making smaller divisions of Ṛgveda that can each be read in a month. Our division is based on Pravara, an identifier for ancestry. In this first book of this series, the verses belonging to the “kaśyapaḥ — avatsāraḥ — nidhruviḥ” pravara have been compiled. The text includes the mūla, padapāṭha, simple meaning, sāyaṇa bhāṣya, and detailed meaning. We sincerely hope that this Veda mini-book will connect the readers back to their roots by giving a glimpse of their own ancestors’ contributions to the Veda-s.

Shrimad Bhagavad Gita Shankara Bhashya Sudha Vol 1

श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय ज्ञान वैभव की परम्परा का सार है, जो कि भगवान् श्रीकृष्ण की वाणी के रूप में अपनी अमृतवर्षा से लोक को प्राचीनकाल से आप्लावित कर रही है। वेद एवं उपनिषदादि ग्रन्थों के सार के रूप में गीता समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रेरित कर रही है। इस पुस्तक में भगवान् आदिशंकराचार्य के स्वसम्प्रदायविशिष्ट भाष्य के प्रमुख अंशों को संकलित करते हुए अन्वय के क्रम में संस्कृत के पदों की हिन्दी व्याख्या की गई है। पुस्तक में मूल श्लोक के बाद सन्धि-विग्रह-युक्त पदच्छेद को लिखा गया है। तत्पश्चात् अर्थानुक्रम में शांकरभाष्य से युक्त अन्वय को सरल हिन्दी में लिखा गया है।


Supadma Madhurashtak Vivaranam

मधुराष्टकम् गीत श्रीवल्लभाचार्य (१४७९ - १५३१) द्वारा भगवान् श्रीकृष्ण के उत्कृष्ट गुणोँ की प्रशंसा मेँ रचित है । इस गीत मेँ आठ छंद और प्रत्येक छंद मेँ श्रीकृष्ण के छह मधुर गुणोँ का उल्लेख है अतः इस गीत का नाम मधुराष्टकम् है । श्रीवल्लभाचार्य ने इस लोकप्रिय गीत मेँ सरल भाषा का प्रयोग किया है किंतु इस गीत के प्रयुक्त शब्दोँ के गूढ़ अर्थ पर हिंदी मेँ कोई प्रामाणिक विवरण उपलब्ध नहीँ है । जनमानस तक मधुराष्टकम् की मधुरता पहुँचाने हेतु इस सुपद्म पुस्तक मेँ श्रीरघुनाथ रचित संस्कृत विवरण का हिंदी अनुवाद तथा मूल का हिंदी मेँ भाषांतर और अनुवाद सम्मिलित है । मूल के सुगम अध्ययन हेतु मधुराष्टकम् गीत का पदच्छेद और पूर्ण व्याकरण विश्लेषण का भी इस पुस्तक मेँ समावेश है । आशा है इस पुस्तक के अध्ययन से भक्तोँ मेँ श्रीकृष्णामृत का माधुर्य फलित होगा ।


Supadma Dashavatar Stotra (Satik, Sachitra)

Padaccheda, Anvaya, Rasamanjari evam Sarvangasundari Tika Anuvad Sahit

यह पुस्तक श्रीविष्णु के दशावतारोँ की स्तुति मेँ रचित श्रीजयदेव के दशावतार स्तोत्र का टीकानुसार हिंदी अनुवाद और चित्रांकन है । मूल के साथ-साथ उसका पदच्छेद, अन्वय और अनुवाद भी सम्मिलित है । स्तोत्र की व्याख्या हेतु गीतगोविंद के दो प्रमुख टीके — रसमञ्जरी और सर्वाङ्गसुन्दरी — मेँ लिखित टीका का मूल और हिंदी अनुवाद भी सम्मिलित है ।


Supadma Shivaji Raja Vyavahara Kosha: with Savarkar's BhashaShuddhi

छत्रपति शिवाजी भोंसले ने भारतीय उपमहाद्वीप में हिंदवी स्वराज की स्थापना की । उनकी कूटनीति, कुशलता एवं सैन्य बल से भारत में विदेशियों के शासन से स्वतंत्रता और भारतीय लोगों के स्वशासन का पुनः आविर्भाव हुआ । मुग़ल अपने शासनकाल में राज व्यवहार में अपनी मातृभाषा अरबी-फ़ारसी का प्रयोग करते थे जो भारतीयों की भाषा और संस्कृति से भिन्न है । राजा और प्रजा की संस्कृति एवं भाषा में सामंजस्य लाने हेतु शिवाजी महाराज ने पंडित रघुनाथ राव (अष्टप्रधान मंत्रियों में से एक) से एक संस्कृत-निष्ठ राजव्यवहारकोश के निर्माण का निर्देश दिया । भाषा में स्वराज के उद्देश्य से निर्मित रघुनाथ जी के राजकोशनिघण्टु का इस सुपद्म पुस्तक में एक सरल अनुवाद प्रस्तुत है ।

शिवाजी द्वारा १७ शताब्दी में आरंभ किए गए उस भाषाशुद्धि कार्य को स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर ने २० शताब्दी में आगे बढ़ाया । अंग्रेज़ों के शासन में राज व्यवहार एवं लोक व्यवहार में अरबी-फ़ारसी के साथ-साथ अंग्रेज़ी के शब्दों का भी वर्चस्व होने लगा था । वीर सावरकर जी ने अपनी पुस्तक “भाषाशुद्धि” में अनेक परकीय शब्दों के लिए संस्कृत शब्द का संग्रह किया । उन्होंने “television” जैसे नए यंत्रों के लिए “दूरदर्शन" जैसे संस्कृतनिष्ठ शब्द गढ़कर हिंदी भाषा को बदलते समय की आवश्यकताओं के लिए सिद्ध किया । सुपद्म की इस पुस्तक के दूसरे भाग में सावरकर जी के उस भाषाशुद्धि संग्रह का समकालीन हिंदी में रूपांतरण प्रस्तुत किया गया है ।

आशा है यह पुस्तक पाठकों में भाषा स्वराज की भावना को पुनः प्रज्वलित करेगी और इसके अध्ययन से जनमानस में हिंदी के शुद्धीकरण का कार्य प्रशस्त होगा ।


Supadma BhagavadGita Writing Practice Book

यह लेखन अभ्यास पुस्तक देवनागरी के समस्त अक्षरों के अभ्यास के साथ-साथ संपूर्ण भगवद्गीता के श्लोकों का ज्ञान एवं अर्थ भी सिखाती है । This writing practice book teaches the letters of the Devanagari script while introducing the student to the shlokas and meaning of the entire BhagavadGita.

Supadma Hanuman Chalisa

The Hanuman Chalisa is a hymn of Hanuman that has inspired countless devotees with the recounting of His strength, intellect, and knowledge. This Supadma book demystifies the hymn and makes its meaning accessible to the Hindi readers. It includes the original Avadhi text of Gosvami Tulsidas (मूल), a Hindi translation (अनुवाद), a glossary of terms (शब्दार्थ), and an authentic Hindi commentary based on the traditional sources (टिप्पणी). The commentary explains the embedded references to the story of Ramayana and the teachings of the Vedangas. For the benefit of all Hanuman bhaktas and sadhakas.

हनुमान-चालीसा हनुमान जी की वह स्तुति है जिसने अनगिनत भक्तोँ को हनुमान जी के बल, बुद्धि और विद्या के ब्योरे से प्रेरित किया है । यह सुपद्म हनुमान-चालीसा पुस्तक इस स्तुति के गूढ अर्थ को हिन्दी पाठकोँ के लिए सुलभ बनाती है । इसमेँ गोस्वामी तुलसीदास रचित चालीसा का मूल अवधी पाठ, दोहोँ और चौपाईयोँ का हिन्दी अनुवाद, शब्दार्थ, और धार्मिक स्रोतोँ पर आधारित एक प्रामाणिक हिन्दी टिप्पणी समिलित है । सुपद्म टिप्पणी चालीसा मेँ इङ्गित रामायण के वृत्तान्तोँ और वेदाङ्गो की शिक्षाओँ को उजागर करती है । सभी हनुमान भक्तोँ और साधकोँ के लाभ हेतु!

Supadma Preschool Samskrita Tracing and Pen Control

किञ्चन वैनोदिकम् अभ्यासपुस्तकम्, अङ्कन्याः नियन्त्रणसंवर्धने सहकारिभिः अभ्यासैः युक्तम्, सहजकौशलस्य दक्षतायाः च वर्धनकम् । भवतः शिशुः अङ्कनीं गृहीत्वा लेखनम् अभ्यस्यति । सरलरेखां, वक्ररेखां, वृत्तानि च रचयितुम् अधीते । प्रत्यभ्यासं छात्रः नूतनं सहजकौशलं पठति । कौशलपठनेन सह देवानां देवीनां पवित्रचिह्नानां च पठनं वर्णमयचित्राणाम् आधारेण करोति । भवतः शिशोः अक्षराभ्यासस्य आरम्भार्थम्, बालशिक्षायै सज्जीकरणार्थं च असदृशं पुस्तकम् ।

Supadma Preschool English Tracing and Pen Control

A fun learning workbook, with activities designed to develop pencil control, motor skills, and dexterity. Your child will learn to hold a pencil and form letters by practicing strokes such as lines, curves, and circles. Each exercise teaches a new fine motor skill to the kid, while introducing the kid to Gods and Goddesses, sacred symbols, and colorful iconography. The perfect book to begin Akshara Abhyasa (writing practice), and prepare your child for kindergarten!

Supadma Preschool Tracing and Pen Control (with Samskrita translation)

A fun learning workbook, with activities designed to develop pencil control, motor skills, and dexterity. Your child will learn to hold a pencil and form letters by practicing strokes such as lines, curves, and circles. Each exercise teaches a new fine motor skill to the kid, while introducing the kid to Gods and Goddesses, sacred symbols, and colorful iconography. The perfect book to begin Akshara Abhyasa (writing practice), and prepare your child for kindergarten!

किञ्चन वैनोदिकम् अभ्यासपुस्तकम्, अङ्कन्याः नियन्त्रणसंवर्धने सहकारिभिः अभ्यासैः युक्तम्, सहजकौशलस्य दक्षतायाः च वर्धनकम् । भवतः शिशुः अङ्कनीं गृहीत्वा लेखनम् अभ्यस्यति । सरलरेखां, वक्ररेखां, वृत्तानि च रचयितुम् अधीते । प्रत्यभ्यासं छात्रः नूतनं सहजकौशलं पठति । कौशलपठनेन सह देवानां देवीनां पवित्रचिह्नानां च पठनं वर्णमयचित्राणाम् आधारेण करोति । भवतः शिशोः अक्षराभ्यासस्य आरम्भार्थम्, बालशिक्षायै सज्जीकरणार्थं च असदृशं पुस्तकम् ।

Supadma Hindi Varnamala Picture Book


The Supadma Hindi Varnamala picture book makes Hindī Varṇamālā fun to learn. Using only Śuddha Hindi words and more than 90 pictures, this full color book introduces the complete repertoire of sounds of Hindi to the little learners. This book provides the Hindi words in both Devanāgarī and IAST scripts.

यह पुस्तक हिन्दी वर्णमाला सीखने की एक रोचक चित्रपूर्ण पुस्तक है। शुद्ध हिन्दी शब्दोँ और ९० से अधिक चित्रोँ से परिपूर्ण यह रङ्गीन पुस्तक बच्चोँ को हिन्दी की समस्त ध्वनियोँ से परिचय कराती है। इस पुस्तक मेँ हिन्दी शब्द देवनागरी एवं आईएएसटी लिपियोँ मेँ दिए गए हैँ।

Supadma Hindi Varnamala Picture Quiz



Supadma Hindi Varnamala Picture Quiz is a flashcards book that makes learning and revising the Hindī Varṇamālā fun. Designed to be used as an organized book while learning, and as loose flashcards for revision and quiz in any order, the book includes more than 100 quiz cards:

Answers to the quiz are given in Devanāgarī and IAST scripts.

The book also includes Hindī Varṇamālā charts in Devanāgarī and IAST scripts, and a Devanāgarī to IAST conversion guide.


सुपद्म हिन्दी वर्णमाला चित्र प्रश्नोत्तरी हिन्दी वर्णमाला सीखने और अभ्यास करने की एक रोचक फ़्लैशकार्ड पुस्तक है। वर्णमाला सीखते समय क्रमबद्ध पाठ रूप मेँ और अभ्यास करते समय फ़्लैशकार्ड रुप मेँ प्रयोग हेतु पुस्तक को नियोजित किया गया है। पुस्तक मेँ १०० से अधिक प्रश्नोत्तरी कार्ड हैँ -

प्रश्नोँ के उत्तर देवनागरी और आईएएसटी लिपियोँ मेँ दिए गए हैँ।

पुस्तक मेँ हिन्दी वर्णमाला चार्ट (देवनागरी और आईएएसटी लिपियोँ मेँ) एवं देवनागरी से आईएएसटी रूपान्तरण कुञ्जी भी सम्मिलित है।

Supadma Hindi Varnamala Chart for Kids

Supadma Hindi Varnamala Chart for Kids is a colorful Varnamala poster for teaching Hindi Varnamala using Śuddha Hindi words. It is handy A3-sized poster (11.7 x 16.5 inches) printed on 350 gsm thick paper.

 Varṇamālā charts usually teach "अ से अनार", although the "न", "आ", and "र" sounds used to pronounce the "अनार" word have not been introduced to the students yet. For ease of learning, the example words chosen in this chart are such that every word uses only those sounds that have been taught earlier.


This chart uses only Deśaja, Tadbhava, and Tatsama Hindī words. Supadma Varṇamālā does not use English and Urdu loanwords.

Supadma Hindi Varnamala Jumbo Chart for Kids

Supadma Hindi Varnamala Jumbo Chart for Kids is a colorful Varnamala wall chart for teaching Hindi Varnamala using Śuddha Hindi words. It is a rigid, sturdy, and lightweight plastic board of 24 x 36 inches, ideal for classroom teaching. 

Varṇamālā charts usually teach "अ से अनार", although the "न", "आ", and "र" sounds used to pronounce the "अनार" word have not been introduced to the students yet. For ease of learning, the example words chosen in this chart are such that every word uses only those sounds that have been taught earlier.


This chart uses only Deśaja, Tadbhava, and Tatsama Hindī words. Supadma Varṇamālā does not use English and Urdu loanwords.